हक़ बात - सबके साथ
दौलत कमाने के मामले में अल्लाह तआला ने जिन जरयो
से होने वाली आमदनी को हराम करार दिया है वह यह है
1 रिश्वत और अवैध कब्ज़ा ( अल-माइदा :188)
2 बेईमानी (अल-माइदा :16)
3 मूर्ति बनाना व मूर्ति बेचना ( अल-माइदा :190)
4 चोरी ( अल-माइदा : 13)
5 नाप-तोल में कमी ( अल-ततफ़ीक़ : 13)
6 यतीम के माल में से खाना ( अन-निसा : 11)
7 अचानक आमदनी वाले तमाम साधन जैसे :
जुआ, लॉटरी वगेरह ( अल_माइदा : 90)
8 शराब की तैयारी , खरीदना व बेचना और लाने ले जाने
की आमदनी ( अल-माइदा : 90 )
9 अश्लीलता और नग्नता फैलाने वाले कारोबार ( अल-इमरान : 19)
10 सूदी (ब्याज वाला) कारोबार ( अल-इमरान : 30)
11 वेश्यालय और जिना की आमदनी ( अल-नूर : 33)
12 कहानत (भाग्य) बताने का कारोबार ( अल-माइदा : 90)
इसके अलावा तमाम ऐसे जरिये जो झूट धोखे और फरेब पर मबनी
है, इस्लाम के नजदीक नाजायज़ व हराम है।
दौलत कमाने के मामले में अल्लाह तआला ने जिन जरयो
से होने वाली आमदनी को हराम करार दिया है वह यह है
1 रिश्वत और अवैध कब्ज़ा ( अल-माइदा :188)
2 बेईमानी (अल-माइदा :16)
3 मूर्ति बनाना व मूर्ति बेचना ( अल-माइदा :190)
4 चोरी ( अल-माइदा : 13)
5 नाप-तोल में कमी ( अल-ततफ़ीक़ : 13)
6 यतीम के माल में से खाना ( अन-निसा : 11)
7 अचानक आमदनी वाले तमाम साधन जैसे :
जुआ, लॉटरी वगेरह ( अल_माइदा : 90)
8 शराब की तैयारी , खरीदना व बेचना और लाने ले जाने
की आमदनी ( अल-माइदा : 90 )
9 अश्लीलता और नग्नता फैलाने वाले कारोबार ( अल-इमरान : 19)
10 सूदी (ब्याज वाला) कारोबार ( अल-इमरान : 30)
11 वेश्यालय और जिना की आमदनी ( अल-नूर : 33)
12 कहानत (भाग्य) बताने का कारोबार ( अल-माइदा : 90)
इसके अलावा तमाम ऐसे जरिये जो झूट धोखे और फरेब पर मबनी
है, इस्लाम के नजदीक नाजायज़ व हराम है।
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