ईद से चंद दिन पहले किसी ने हज़रत सैय्यदना अली मुर्तज़ा रजि. के कपड़ो में पैवंद लगा देखा तो कहा :
"अमीरुल मोमिनीन , आप दो दिर्हम में नया जोड़ा क्यों नहीं खरीद लेते। "
आपने फ़रमाया :
"मुझे शर्म आती है कि मैं नए कपडे पहनू और कूफ़े में हज़ारो आदमियों ने पुराने कपडे पहन रखे हो।"
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