#पहला_पारा
इस पारे में दो सूरते हैं
1. सूरह फ़ातिहा
2. सूरह बक़रह
सूरह फ़ातिहा में तीन बातें ये हैं
1. अल्लाह तआला की चार सिफ़ात 1. रब 2. रहमान 3. रहीम 4. मालिक
2. इबादत करने और मदद मांगने लाएक ज़ात सिर्फ अल्लाह है
3. सीधे रास्ते पर चलने की दुआ और गलत रास्ते से बचने की दुआ
सूरह बक़रह की 141 आयतों में ये बातें हैं
1. अक़साम ए इंसान 2. ऐजाज़ुल क़ुरआन 3. क़िस्सा ए आदम अलैहिस्सलाम 4. अहवाल ए बनी इस्राईल 5. क़िस्सा ए इब्राहीम अलैहिस्सलाम
1. इंसानों की तीन क़िस्में हैं
मोमिनीन मुनाफिक़ीन और काफिरीन
मोमिनीन की पांच सिफ़ातें मज़कूर हैं
1. ग़ैब पर ईमान 2. नमाज़ क़ायम करना 3. सदक़ा 4. किताब पर ईमान 5. आख़िरत के दिन पर ईमान
मुनाफिक़ीन की कई ख़स्लतें मज़कूर हैं
झूठ, छल, अदम शऊर, क़ल्बी बीमारियां, सफ़ाहत(मूर्खता) अहकाम ए इलाही का उपहास, फ़ित्ना व फ़साद, जहालत, ज़लालत, तज़ज़ीब
और काफिकीन (इनकार करने वालों) के बारे में कहा कि उनके दिल और कानों पर मुहर लगा दी गई है और उनकी आँखों पर पर्दा डाल दिया गया है।
2. ऐजाज़ुल क़ुरआन
जिन सूरहों में क़ुरआन की अज़मत का बयान हुआ है उनके शुरू में हुरूफ़ ए मुक़त्तेआत हैं ये बताने के लिए कि इन्हीं हुरूफ़ से तुम्हारा कलाम भी बनता है और अल्लाह का भी मगर तुम लोग अल्लाह के जैसा कलाम बनाने से आजिज़ हो...
3. हज़रत आदम अलैहिस्सलाम की कहानी:
अल्लाह का आदम अलैहिस्सलाम को ख़लीफ़ा बनाना, फ़रिश्तों का इंसानों को फसादी कहना, अल्लाह का आदम अलैहिस्सलाम को इल्म देना, फ़रिश्तों का लाइल्मी का कबूलनामा, फ़रिश्तों का आदम अलैहिस्सलाम को सजदा करना, शैतान का इन्कार और फिर मरदूद हो जाना, शैतान के ज़रिए आदम और हव्वा को जन्नत में बहकाया जाना और फिर इंसान को को खिलाफत ए अर्ज़ अता करना...
4. बानी इज़राइल के बारे में:
उनका कुफ्र, उन नेमत और उन पर लानत नाज़िल करना...
5. हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की कहानी:
हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम ने अपने बेटे के साथ मिलकर खाना ए काबा की तामीर करना और फिर उसे अल्लाह से क़ुबूल करवाना और तौबा अस्तगफार करना... Muhammad Yasir
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