गुस्सा दूर करने की दुआ
"अ-ऊज़ु बिल्लाहि मिनश्शैता-निर्रजीम"
{ मैं अल्लाह की पनाह चाहता हूँ शैतान मर्दूद से }
[ सहीह बुखारी : 7/99 , सहीह मुस्लिम : 4/2015 ]
"अ-ऊज़ु बिल्लाहि मिनश्शैता-निर्रजीम"
{ मैं अल्लाह की पनाह चाहता हूँ शैतान मर्दूद से }
[ सहीह बुखारी : 7/99 , सहीह मुस्लिम : 4/2015 ]
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