तीन बातें
तीन बातो को छोटा न समझो-
दुश्मन,क़र्ज़,बीमारी
तीन बाते भाई को भाई का दुश्मन बना देती है-
ज़र,ज़मीन,औरत
तीन बाते हर एक को प्यारी है-
दौलत,औरत,औलाद
तीन चीज़े ख़ुलूस से करना चाहिए-
रहम,दुआ,भलाई
तीन चीज़े हर एक की जुदा-जुदा है-
सूरत,सीरत,किस्मत
तीन बातो को छोटा न समझो-
दुश्मन,क़र्ज़,बीमारी
तीन बाते भाई को भाई का दुश्मन बना देती है-
ज़र,ज़मीन,औरत
तीन बाते हर एक को प्यारी है-
दौलत,औरत,औलाद
तीन चीज़े ख़ुलूस से करना चाहिए-
रहम,दुआ,भलाई
तीन चीज़े हर एक की जुदा-जुदा है-
सूरत,सीरत,किस्मत
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